17/8/20

मैं दिल हूँ एक अरमान भरा

मैं दिल हूँ एक अरमान भरा,
 main dil hoon ek arman bhara,
अनहोनी ,
1952, 

मैं दिल हूँ इक अरमान भरा
तू आके मुझे पहचान ज़रा
इक सागर हूँ ठहरा ठहरा -२
तू आके मुझे पहचान ज़रा
मैं दिल हूँ इक अरमान भरा


ख़ुद मैने हुस्न के हाथों में, 
शोखी का छलकता जाम दिया
 गालों को गुलाबों का रुतबा, 
कलियों को लबों का नाम दिया, 
नाम दिया 
आँखों को दिया सागर गहरा - २ 
तू आके मुझे पहचान ज़रा
 ये सच है, तेरी महफ़िल में,
 मेरे अफ़साने कुछ भी नहीं
 पर दिल की दौलत के आगे दुनिया के खज़ाने कुछ भी नहीं
 यूं मुझसे निगाहों को ना चुरा - २
 तू आके मुझे पहचान ज़रा 
ये झिलमिल कर्ते हुए दिये - २
आखिर इक दिन बुझ जायेंगे दौलत के नशे में डूबे हुए
 ये राग रंग मिट जायेंगे
 गूँजेगा मगर ये गीत मेरा - २
 ये गीत मेरा

11/7/20

महफ़िल में जल उठी शमा

महफ़िल में जल उठी शमा
( महफ़िल में जल उठी शमा, परवाने के लिये
प्रीत बनी हैं दुनिया में, मर जाने के लिये ) -२
चारों तरफ़ लगाए फेरे, फिर भी हरदम दूर रहे
उल्फ़त देखो आग बनी है, मिलने से मजबूर रहे
यही सज़ा हैं दुनिया में
यही सज़ा हैं दुनिया में, दीवाने के लिये
प्रीत बनी हैं दुनिया में, मर जाने के लिये
महफ़िल में जल उठी शमा, परवाने के लिये
प्रीत बनी हैं दुनिया में, मर जाने के लिये
मरने का है नाम मुहब्बत, जलने का है नाम जवानी
पत्थर दिल हैं सुनने वाले, कहने वाला आँख का पानी
आँसू आये आँखों में
आँसू आये आँखों में, गिर जाने के लिये
प्रीत बनी हैं दुनिया में, मर जाने के लिये
महफ़िल में जल उठी शमा, परवाने के लिये
प्रीत बनी हैं दुनिया में, मर जाने के लिये


10/7/20

दो दिन के लिये महमान यहाँ

दो दिन के लिये महमान यहाँ
मालूम नहीं मंज़िल है कहाँ
अरमान भरा दिल तो है मगर
जो दिल से मिले वो दिल है कहाँ

एक फूल जला एक फूल खिला
कुछ अपना लुटा कुछ उनको मिला
कैसे करें क़िसमत से गिला
हम कैसे करें क़िसमत से गिला
रंगीन हर एक महफ़िल है कहाँ
दो दिन के लिये   ...

दुनिया में सवेरा होने लगा
इस दिल में अंधेरा होने लगा
हर ज़ख्म सिसक के रोने लगा
किस मुँह से कहे क़ातिल है कहाँ
दो दिन के लिये   ...

जलता है जिगर उठता है धुआँ
आँखों से मेरी आँसू है रवाँ
मरने से हो जाये दफ़ा
जो मरने से हो जाये दफ़ा
ऐसी ये मेरी मुश्किल है कहाँ
दो दिन के लिये   ...

ठण्डी हवा काली घटा आ ही गई झूम के

(ठण्डी हवा, काली घटा, आ ही गई झूम के
प्यार लिये डोले हँसी नाचे जिया घूम के ) - २

बैठी थी चुपचाप यूँही दिल की कली चुन के मैं - २
दिल ने ये क्या बात कही रह न सकी सुन के मैं
मैं जो चली
मैं जो चली दिल ने कहा और ज़रा झूम के
प्यार लिये डोले हँसी नाचे जिया घूम के 
ठण्डी हवा, काली घटा ...

आज तो मैं अपनी छवी देख के शरमा गई - २
जाने ये क्या सोच रही थी के हँसी आ गई
लोट गई
लोट गई ज़ुल्फ़ मेरी होंठ मेरा चूम के
प्यार लिये डोले हँसी नाचे जिया घूम के 
ठण्डी हवा, काली घटा ...

दिल का हर एक तार हिला छेड़ने लगी रागनी - २
कजरा भरे नैन लिये बन के चलूँ कामनी
कह दो कोई
कह दो कोई आज घटा बरसे ज़रा झूम के
प्यार लिये डोले हँसी नाचे जिया घूम के 
ठण्डी हवा, काली घटा ...

9/7/20

छोड़ बाबुल का घर

छोड़ बाबुल का घर, मोहे पी के नगर
आज जाना पड़ा, ओ
आज जाना पड़ा
छोड़ बाबुल का घर, मोहे पी के नगर
आज जाना पड़ा,

संग सखियों के बचपन बिताती थी मैं
हाँ बिताती थी मैं
ब्याह गुड़ियों का हँस-हँस रचाती थी मैं
हाँ रचाती थी मैं
सब से मुँह मोड़ कर, क्या बताऊँ किधर
दिल लगाना पड़ा, ओ
आज जाना पड़ा
छोड़ बाबुल का घर, मोहे पी के नगर
आज जाना पड़ा,

याद मयके की तन से भुलाये चलीहाँ भुलाये चली
हाँ भुलाये चली
प्रीत साजन की मन में बसाये चली
हाँ बसाये चली
याद कर के ये घर, रोईं आँखें मगर
मुस्कुराना पड़ा, ओ
आज जाना पड़ा
छोड़ बाबुल का घर, मोहे पी के नगर
आज जाना पड़ा,

पहन उलफ़त का गहना दुल्हन मैं बनी
दुल्हन मैं बनी
डोला आया पिया का सखी मैं चली
का सखी मैं चली
ये था झूठा नगर, इसलिये छोड़ कर,
मोहे जाना पड़ा, ओ
आज जाना पड़ा

छोड़ बाबुल का घर, मोहे पी के नगर
आज जाना पड़ा,
छोड़ बाबुल का घर, मोहे पी के नगर
आज जाना पड़ा

6/7/20

तुम तो प्यार हो सजना

ल: तुम तो
तुम तो प्यार हो सजना तुम तो प्यार हो
मुझे तुमसे प्यारा और न कोई
तुम तो प्यार हो सजना
र: तुम तो प्यार हो सजनी तुम तो प्यार हो
मुझे तुमसे प्यारा और न कोई
तुम तो प्यार हो
ल: आ कितना है प्यार हमसे ये तो बता दो
र: अंबर पे तारे जितने इतना समझ लो
ल: सच मेरी क़सम
र: तेरी क़सम तेरी याद हमें लूटे
ल: क़समें तो खाने वाले होते हैं झूठे
चलो जाओ हटो जाओ दिल का दामन छोड़ो
र: तुम तो प्यार हो सजनी …
हो ओ आके न जाए कभी ऐसी बहार हो
ल: तुम भी हमारे लिए जीवन सिंगार हो
र: सच मेरी क़सम
ल: तेरी क़सम तू है आँख के तिल में
र: तुम भी छुपी हो मेरे शीशा-ए-दिल में
ओ मेरे हमदम मेरे हमदम मेरी बात तो मानो
ल: तुम तो प्यार हो सजना …
दो: तुम तो प्यार हो

5/7/20

छोड़ गए बालम,

मु: छोड़ गए बालम, मुझे हाय अकेला छोड़ गए
तोड़ गए बालम, मेरा प्यार भरा दिल तोड़ गए
ल: छूट गया बालम, हाय साथ हमारा छूट गया
टूट गया बालम, मेरा प्यार भरा दिल टूट गया
मु: छोड़ गए बालम ...

ल: फूल संग मुस्काए कलियाँ, मैं कैसे मुस्काऊँ
बादल देख के भर आई अँखियाँ - २, छम-छम नीर बहाऊँ
मैं छम-छम नीर बहाऊँ
मु: छोड़ गए बालम ...

दिल की लगी को क्या कोई जाने, मैं जानूँ दिल जाने
पलकों की छाया में नाचें - २, दर्द भरे अफ़साने
ये दर्द भरे अफ़साने
ल: छूट गया बालम ...

ल: पहले मन में आग लगी और, फिर बरसी बरसात
ऐसी चली बिरहा की आँधी - २, तड़पत हूँ दिन-रात
मैं तड़पत हूँ दिन-रात
मु: छोड़ गए बालम ...